एहसास क्या क्या हैं
उसको दिल से महसूस करना
या उसकीआँखोन में प्यार को छलकता देखना
एहसास कभी बयान कर भी सकते हैं
पर कभी बयान करना भी मुश्किल होता हैं
ज़िन्दगी उन छोटी ,बड़ी, प्यारी, अधुरी यादों ल
से तो बनती हैं।
वो तो ये बोल देते हैं कि हम
बस अपने ख़ालिपन का शिकार हैं।
क्या रब सारी ख्वाहिशें अधूरी रहने के लिए बनाता हैं
क्या हक़ नहीं मेरा की मुझे भी वो प्यार से देखे
बस रिश्ते निभाना ही ज़िन्दगी हैं
हक़ तो एक जानवर का भी होता हैं प्यार पे
वो भी डबडबाई आँखों से ईनतज़ार करता हैं
जैसे कर एक इंसान अपने प्यार को
किसी और से बांटना नहीं चाहता।
क्या हुआ जो प्यार किया हमने
क्या हुआ जो तुमने किसी और से प्यार किया
बअदला तो कुछ नहीं गम तोह बस मेरे ही हिस्से आया।
बदला तोह कुछ नहीं पर
टूट गया मेरा ही गुमान
की वो बस मेरा हैं।
दिन बदल जाते हैं दुनिया चलती रहती हैं
हम तुम से मैं पे दुनिया सिमट जाती है।
उसको दिल से महसूस करना
या उसकीआँखोन में प्यार को छलकता देखना
एहसास कभी बयान कर भी सकते हैं
पर कभी बयान करना भी मुश्किल होता हैं
ज़िन्दगी उन छोटी ,बड़ी, प्यारी, अधुरी यादों ल
से तो बनती हैं।
वो तो ये बोल देते हैं कि हम
बस अपने ख़ालिपन का शिकार हैं।
क्या रब सारी ख्वाहिशें अधूरी रहने के लिए बनाता हैं
क्या हक़ नहीं मेरा की मुझे भी वो प्यार से देखे
बस रिश्ते निभाना ही ज़िन्दगी हैं
हक़ तो एक जानवर का भी होता हैं प्यार पे
वो भी डबडबाई आँखों से ईनतज़ार करता हैं
जैसे कर एक इंसान अपने प्यार को
किसी और से बांटना नहीं चाहता।
क्या हुआ जो प्यार किया हमने
क्या हुआ जो तुमने किसी और से प्यार किया
बअदला तो कुछ नहीं गम तोह बस मेरे ही हिस्से आया।
बदला तोह कुछ नहीं पर
टूट गया मेरा ही गुमान
की वो बस मेरा हैं।
दिन बदल जाते हैं दुनिया चलती रहती हैं
हम तुम से मैं पे दुनिया सिमट जाती है।
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